यह सवाल

Question Mark

एक दिन अजीब सा एक सवाल, मेरे सामने आ खड़ा हुआ,

सोच और समझ से परे।यह क्या हुआ?

बस एक ही सवाल आखों के सामने था कि जिंदगी में आज तक किया क्या ?

बस इसी चक्कर में रातों की नींद उड़ गई, और दिन का चैन बेहाल हुआ,

चारों दिशाओं में जिधर देखूं, बस प्रशन चिन्ह ही दिखाई दिया,

यह एक ऐसा एहसास था, जो मैं लफ़्ज़ों में बयाँ न कर पाऊंगा  |

बस अन्दर ही अन्दर यूँही घुटता चला गया  |

पर सवाल वही का वही था |

एक अजीब से सवाल के साथ मैं अकेला खड़ा था,

थक हार कर फिर खुदा से पूछा कि मैंने आज तक क्या किया ?

अंदर से आवाज़ आई, लगा जैसे खुदा का जवाब आया,‌‍

अभी तो सफर शुरू हुआ है, बस इरादों को ऐसे ही बुलंद और ख्वाब सजोंये रखना |

सपनो को रखना सम्भाल कर,

बस ऐसे ही सपने लिए आगे बढ़ते जाना |

                                                                                                                 #AK

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