फोर्टिस के बाद अब Medanta हॉस्पिटल ने दिखाया अपना रंग

Medanta
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Middle Ungli : Medanta Hospital Case

गुरुग्राम : कुछ दिन पहले ही फोर्टिस हॉस्पिटल में आदया नाम की मासूम सी बच्ची की डेंगू की चपेट में आने से मौत हो गई थी। हॉस्पिटल वाले बच्ची को नहीं बचा सके लेकिन 15 दिन तक चले इस इलाज का 18 लाख का बिल परिवार वालों के हाथों में थमा दिया। मामले बहुत वायरल हुआ इतना वायरल की सरकार ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जांच के आदेश जारी किये थे। मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि गुरुग्राम में ही स्थित Medanta नाम के प्राइवेट अस्पताल में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। Medanta अस्पताल में करणपाल नाम के एक शख्स को दिल का दौरा पड़ने के बाद लाया गया, परिवार वालों को यकिन था की इतने बड़े हास्पिटल में करणपाल सिंह को बचा लिया जायेगा।

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लेकिन ऐसा नहीं हो सका 2.30 बजे हॉस्पिटल वालों ने परिवार वालों को बताया की वह करणपाल को नहीं बचा सके। शोक में डूबा परिवार रोने लगा और जब कुछ देर बाद शव को ले जाने के लिए अस्पताल से अनुमति मांगी गई तो उन्होने शव तो नहीं दिया लेकिन 3 लाख 75 हजार का बिल उनके हाथ में थमा दिया। 2 घंटे तक चले इस पूरे इलाज में आखिर हॉस्पिटल की तरफ से ऐसा क्या किया गया कि बिल 3 लाख के पार पहुंच गया। प्राइवेट हॉस्पिटल की इन मनमानियों का ही नतीजा है की आज डॉक्टर को भी शैतान समझा जाने लगा है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस पर कोई एक्शन लेगी या अभी भी किसी और के साथ अत्याचार होने का इंतजार करेगी।

News Source : India Sambad

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