INDIAN YOUTH : पढ़ा लिखा होने के बावजूद, आखिर हम बेरोजगार क्यूं ???

सन् 2014 में मोदी सरकार द्वारा कई वादे किये गये, जिनमें मुख्यतः अच्छे दिन आयेंगे और युवाओं को रोजगार देने की बात सरकार द्वारा कही गई थी। न तो अच्छे दिन आये और न ही युवाओं को रोजगार मिल पाया, जब सरकार से इसका जबाव मांगा गया तो सरकार इस प्रश्न का जबाव पकौड़े के रुप में हमारे सामने लेकर आई है।

JOB

अभी देश मे बेरोजगारी का मुद्दा अपने चरम पर है। देश के शिक्षित बेरोजगारों को यह नहीं समझ आ रहा है की वो करें तो क्या करें। आलम यह है कि पिछले पांच सालो में सरकारी JOB की वैकेंसी न के बराबर आई है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा रोजगार को पकौड़े से जोड़ना भी काफी विवादित हो चला है। हर जगह उनके इस बयान की खिल्ली उड़ाई जा रही है। इसी बीच मध्य प्रदेश की एक JOB के लिए आवेदन की बहुत चर्चा हो रही है। चर्चा होना भी लाज़मी है क्योंकि मध्य प्रदेश में एक चपरासी की JOB के लिए उम्मीदवारों का हुजूम उमड़ पड़ा है।

हम इस बात का बिल्कुल भी समर्थन नहीं करते की चपरासी की नौकरी कोई छोटी नौकरी होती है। हर काम अपने आप में अहमियत रखता है। लेकिन एक चपरासी की नौकरी पाने के लिए बेरोजगारों के हुजूम में इंजीनियरिंग,लॉ और एमबीए के युवाओं का आवेदन आना चिंता का विषय जरुर बन जाता है। देश में बेरोजगारी के आलम का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि आठवीं पास योग्यता वाली इस जॉब को पाने के लिए ग्रेजुएट से लेकर पीएचडी डीग्री धारक को भी लाइन में खड़े होना पड़ रहा है।  इस नौकरी के लिए सीटों की संख्या 738 थी, जबकि 2 लाख 81 हज़ार उम्मीदवारों ने इसके लिए आवेदन किया था।

JOB

राज्य और भी हैं…….

अब यदि आप यह सोच रहे हैं कि मध्य प्रदेश में ही बेरोजगारी का यह आलम है, तो हम आपको बता दें कि आपका ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। इस कतार में देश के दूसरे राज्यों में भी होड़ मची हुई है, अब आप भारत के सबसे बड़े राज्य उतर प्रदेश को ही ले लीजिए। जहां सन् 2016 में चपरासी के 368 पदों के लिए 23 लाख लोगों ने आवेदन किया था। जिसमें से 2 लाख उम्मीदवार बीटेक, बीएससी, एमएससी, एमकॉम और 255 पीएचडी डीग्री धारक भी इस लिस्ट में शामिल थे।

इसके अलावा अगर हम छत्तीसगढ़ की बात करें तो वहां भी हालात कुछ ऐसे ही है। जहां पर चपरासी के 30 पदों के लिए 75,000 लोगों ने आवेदन किया था। वैसे तो इसमें शामिल उम्मीदवारों की पूर्ण रुप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन अधिकारियों की माने तो इसमें मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के ग्रेजुएट भी शमिल हैं। माना जा रहा है कि इस वैकेंसी को रद्द कर इसमें रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

आखिर ‘गरीबों के बजट’ में बेरोजगारों के लिए JOB है ?

आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 मे यह कहा गया है कि आने वाले वित्तीय वर्ष मे सरकार के लिए ‘रोजगार’ सेंटर फोकस मे है। वैसे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी बजट भाषण के मे कहा है की महिला रोजगार के लिए सरकार प्रतिबध्द है। वित्त मंत्री  ने आगे कहा की रोज़गार पैदा करना और उपलब्ध करवाना सरकार की मुख्य नीति मे शामिल है। साथ ही उन्होंने कहा की सरकार लगातार टैक्सटाइल,लेदर,माइक्रो और छोटे और मझोले उधोगो मे JOB बढ़ाने को लेकर नज़र बनाए हुए है। ‘मरता क्या नहीं करता’ की तर्ज़ पर सरकार कार्यकाल के अंतिम साल में इतनी सारी बातें तो कर रही है। लेकिन यहां सवाल यह बनता है कि बीते वर्षो में सरकार द्वारा आखिर कितना रोजगार पैदा और उपलब्ध करवाया गया। यदि हम इस विषय में सरकारी JOB के क्षेत्र में नज़र डाले तो वहां सरकार की प्रतिबध्दता पानी मांगती हुई नज़र आती है।

JOB

JOB देने के मामले में मनमोहन, मोदी से आगे

इंडिया स्पेंड की ख़बर के अनुसार जब हम मनमोहन सिंह की सरकार और मोदी सरकार के कार्यकाल मे जॉब की बात करे तो मोदी सरकारी पिछड़ी हुई नज़र आ रही है। श्रम मंत्रालय के एक सर्वे के अनुसार जुलाई 2014 से दिसम्बर 2016 तक 6,41,000 नौकरियां दी गई। जबकि जुलाई 2011 से 2013 तक 12.8 लाख नौकरियां दी गयी। मोटा-मोटी जब हम नौकरियों के बीच अंतर देखते हैं तो पता चलता है की ये नौकरियां 12 लाख से घटकर साढ़े छः लाख पर आ गई है।रोजगार सर्वे मे मुख्यतः मैनुफैक्चरिंग,व्यापार,निर्माण,शिक्षा,स्वास्थ्य ,सूचना,टेक्नोलॉजी ,ट्रांसपोर्ट,होटल,रेस्टोरेंट आदि आते हैं।

बहुत देर कर दी मेहरवां आते-आते

हिंदुस्तान दैनिक की ताज़ा ख़बर के आनुसार रेलवे ने अभी हाल ही मे लोको पायलट मे 17000, ग्रुप (डी) के विभिन्न पदों के लिए 72,000 ,आरपीएफ मे 19 हज़ार 952 वेकेंसी देने जा रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद मे पेश बजट दस्तावेज़ मे कहा है की वर्ष 2016 और 2017 के बीच केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों मे लगभग 2.27 लाख नौकरियां पैदा हुई। दस्तावेज़ मे आगे यह भी बताया गया है कि 2018 तक विदेश मंत्रालय मे 1196 कर्मचारियों की वृध्दि होगी। एक बात तो स्पष्ट ही है कि नौकरी मामले मे गवर्नमेंट गोलमोल जबाब ही दे रही है।

JOB

JOB को लेकर सरकार की बयानबाज़ी

यह शुरु से ही देखा जा रहा है कि रोज़गार और बेरोज़गारी के मामलों में सरकार सिर्फ बयानबाज़ी ही करती आई है। जब कुछ काम नहीं आया तो पकौड़े का सहारा लिया गया, जिसमें भी सरकार बैकफुट पर आ गयी है। हर जगह विद्यार्थियों द्वारा इसे लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। ये 1196 की संख्या में वैकंसी ‘ ऊंट के मुंह में जीरा’ के सामान है। पिछले 7 वर्षों में वेकेंसी नहीं आने के कारण कई प्रतिभागियों की उम्र सीमा समाप्त हो चुकी है।

इस बार लोको पायलट के वेकेंसी मे उम्मीदवारों की उम्र सीमा मे भी बदलाब की बातें हो रही हैं। आवेदन के लिए पूर्व की जो उम्र सीमा 30 वर्ष थी उसे घटाकर 28 कर दिया गया है। इसके कारण भी छात्रों मे असंतोष व्याप्त है, छात्रों का कहना है कि एक तो सरकार ने 7 वर्षों बाद वेकेंसी निकाली है इसके बावजूद उम्र सीमा मे कटौती करना कहां तक जायज़ है।

Middle Ungli Special

आज फिर देश के उच्च सदन मे पकौड़े को लेकर बहस हुई। इस बार बारी थी राज्य सभा मे भाजपा के हनुमान यानि अमित शाह की। जिन्होंने अपने पहले भाषण कौशल के प्रदर्शन में माना की बेरोज़गारी है तो पकौड़ा बेच कर युवा अपना पकौड़ा उधोग लगा सकता है। इस भाषण को सुनने के बाद पढ़े लिखे बेरोजगार पकौड़ा प्रैक्टिस मे लग गए हैं। उन्हें  भी अब ज्ञान प्राप्त हो चूका है कि चाय से पीएम तक का सफ़र हो सकता है। तो पकौड़ा उधोग उन्हें  बिल गेट्स,धीरू भाई अंबानी,रतन टाटा वाली श्रेणी तक तो पहुंचा ही देगा।

इधर पकौड़े को भी विश्वाश नहीं हो रहा है की चाय के बाद उसे इतना फुटेज मिल रहा है। आलम यह है कि पकौड़े की फुटेज से इधर समोसा सरकार से नाराज़ चल रहा है। उसकी शिकायत है की साइज़ और वरिष्ठ होने के नाते उसे तरज़ीह मिलनी चाहिए। सरकार बहुत मुश्किल से समोसे को समझा पाई की अगले संसद सत्र मे उसके बारे मे भी सरकार बहस को लेकर प्रतिबद्ध है।

6 COMMENTS

  1. We’re also a variety of volunteers plus opening a different structure in your area koleksi youtube terbaru. Your blog provided us very helpful facts to your workplace about. You could have executed a formidable endeavor along with our whole local community is often grateful for your requirements.

  2. What¦s Taking place i’m new to this, I stumbled upon this I’ve found It positively helpful and it has helped me out loads. I’m hoping to give a contribution & assist other customers like its aided me. Great job.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here