एक बार फिर खेली जाएगी दिल्ली में Odd-Even की लंगड़ी

क्या दिल्ली की जनता और सरकार Odd-Even के लिए हैं, पूरी तरह तैयार?

आपने कभी Odd-Even वाली लंगड़ी खेली है? भैय्या हमने तो दबा कर खेली है, पर वो बचपने में खेली थी, और तब किसने सोचा था कि कई सालों बाद फिर कोई राजा आएगा जो फिर से ये Odd-Even की लंगड़ी खिलायेगा। सही समझे, यहां बात हो रही है दिल्ली की। दोस्तों हम 90 के दशक वाले लोग हैं, हो सकता है आप भी हमारे साथ की ही फसल हो या पहले या फिर बाद की। वो मिटटी के ढेरों में खेलकर घर पहुंचना, वो रेत/बालू के घर बनाना याद आता है, याद आता है वो बचपन की बारिश, वो आँगन के मिटटी की खुश्बू, और मिटटी खा भी लो तो स्वाद आ जाता था। वो खुली हवा में एक लम्बी सांस बिना किसी रुकावट के रोम रोम तक ले जाना। पर अब उस दौर को पीछे मुड़कर देखो तो लगता है ये सब किसी फिल्म का सीन था जो याद आ गया क्यूंकि अब वो सब मुमकिन नहीं है। अब मिट्टी और बारिशों में Chemical लोचा है तो हवाओं में PM 2.5 और PM 10 ने भी आने का सोचा है।

Pollution

NOT ONLY DELHI:

यहां सिर्फ दिल्ली की बात करना नामुनासिब होगा, क्यूंकि ज़हर पूरे विश्व में फ़ैल रहा है। हाँ उदाहरण के तौर पर आप दिल्ली को ले सकते है अगर आप बीजिंग से दूरी बनाये रखना चाहते हैं तो। दरअसल दिल्ली में कुछ दिनों से फॉग की जगह स्मॉग चल रहा है। और स्मॉग भी ऐसा की 15 मीटर दूर खड़ी लड़की को देखने के लिए भी आपको 10 मीटर उसकी ओर बढ़ना पड़ेगा। स्मॉग होता है स्मोक और फॉग का मिश्रण। यह मिश्रण आपकी आँखे, नाक, फेफड़े, दिल हर जगह वार करता है, जो आपको बीमार, बहुत बीमार बनाने के लिए काफी है, मुकेश हराने से भी ज्यादा। Condition यह है कि दिल्ली सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा तक के स्कूलों को बंद करना पड़ा और अगर ये प्रदुषण काबू नहीं हुआ तो क्या पूरी दिल्ली को ताला लगा दिया जायेगा? और उसके बाद पूरे देश को? शायद आप उस भयानक दिन की कल्पना कर पा रहे हो, और अगर नहीं कर पा रहे हैं, तो जैकी भगनानी और नवाज़ भाई की एक शॉर्ट फिल्म है कार्बन, देख लीजियेगा।

मुद्दे की बात:
  • इस स्मॉग का सबसे बड़ा कारण, पंजाब और हरयाणा के किसानो द्वारा फसलों की खूटी जलाने को बताया जा रहा है।
  • यह आरोप दिल्ली के लोगों के साथ साथ दिल्ली सरकार द्वारा भी लगाए जा रहे है।
  • खैर आरोप लगाने का खेल तो हमारे देश का सबसे favourite खेल है, हम तो कहते है हॉकी हटा कर इसी को राष्ट्रीय खेल घोषित कर दो।
  • दिल्ली सरकार ने दोबारा Odd-Even सिस्टम को लागु करने का फैसला लिया। हालांकि ये Odd-Even पॉलिसी शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही है कि Hit है या Shit है, पर इसका प्रभाव तो पड़ता है। Odd-Even सिस्टम क्या है नीचे पढ़ लें।

Odd-Even

  • लेकिन जिस तरह घर के बच्चे अगर कोई फैसला ले लें तो घर के बड़ो से डाँट खानी पड़ जाती है ठीक उसी तरह दिल्ली सरकार को भी NGT द्वारा तरीके की डाँट खानी पड़ी। NGT और केंद्र ने दिल्ली सरकार के इस फैसले पर कहा “क्या सोचकर आये थे सरदार खुश होगा, शाबाशी देगा….” भाई किस आधार पर मुँह खोल कर आए हो, न तो तुम्हारे पास पर्याप्त बसेस हैं, न पर्याप्त CNG। NGT ने कहा की दिल्ली सरकार सुनिश्चित करें कि Odd-Even लागू करने से कोई नुकसान नहीं होगा, अगर सुनिश्चित नहीं कर सकते तो इसे लागू ना करे। NGT क्या है नीचे पढ़ लें।
  • हालत गंभीर है, कदम उठाना हुआ ज़रूरी।
  • Odd-Even सिस्टम के दुसरे चरण में वायु प्रदूषण में 23% का इज़ाफ़ा हुआ था।
  • दिल्ली को इस बार ज़्यादा तैयारी के साथ उतरना होगा जिसके लिए सरकार तैयार है।
Delhi DTC Buses
दिल्ली सरकार के चश्मे से, क्या है प्लान-
  • 13 नवंबर से 17 नवंबर तक 5 दिनों के लिए Odd-Even होगा लागु।
  • ऊबर, ओला दिल्‍ली के लोगों पर सर्ज प्राइस या डायनमिक प्राइस नहीं लगाएगी।
  • मेट्रो तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आना जाना होगा सस्ता।
  • 500 अतिरिक्त CNG DTC बसेस चलाएगी दिल्ली सरकार, कहाँ से लाएगी ये नहीं पता।
  • इन 5 दिनों में नहीं देना होगा इन DTC बसेस में किराया।
Uber Ola
1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलाये गए Odd-Even के दुसरे चरण का हिसाब किताब:
  • इस चरण में वायु प्रदुषण में 23% की बढ़त हुई थी।
  • PM 2.5 संकेंद्रण 56.17µg/m³ से बढ़कर 68.98 micrograms per cubic metre हो गया था।
  • PM 10 एकाग्रता 110.04 µg/m³ से बढ़कर 134.39µg/m³ हो गया था। PM क्या होता है यह भी नीचे पढ़ लें।
  • इसके लिए Indiaspend.com ने #Breathe air-quality monitoring devices लगाए थे।
pm-2.5
Middle Ungli Special:

देखो भाई सीधी सी बात है पहली बार में तो कान्हा से मटकी भी नहीं फूटी थी तो ये तो इंसानों की बनाई योजना है। लेकिन एक बार असफल होने से हम कोशिश करना तो नहीं छोड़ देते। तो सरकार के साथ जनता को भी प्रदुषण मुक्त होने के लिए कदम उठाना होगा। बाकी आप खुद समझदार और अपने भविष्य के ज़िम्मेदार है। फ़ोकट की बस सर्विस लेना, पर इन 5 दिनों के बाद भी प्रदुषण को नियंत्रण में रखने के प्रयास करना।

जिन चीज़ों को नीचे पढ़ने के लिया कहा गया था वे यहीं है:

NGT: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, पर्यावरण संरक्षण और वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटान के लिए इस ट्रिब्यूनल की स्थापना की गई है।

Odd-Even सिस्टम: आपको अपनी गाड़ी का नंबर और तारीख़ मिला कर देखना है कि दोनों मिलते हैं या नहीं तभी गाड़ी सड़क पर आ पाएगी। यानी की अगर तारीख़ विषम है तो विषम नंबर की गाड़ी ही बाहर निकलेगी और सम है तो सम नंबर की गाडी।

PM: Particulate Matter, हवा में पाए जाने वाले छोटे कणो को कहते है जो की चौड़ाई में 2 और एक आधा माइक्रोन या इससे कम साइज़ का होता है। जैसे- धूल, गंदगी, कालिख़, धुंआ आदि।

Source: India Spend, NDTV, Ecotech

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